लैगिक संवेदनशीलता अमित दवे
समाज में महिला एवं पुरुष को न्यून-अधिक भाव से न देखें। समाज दोनों के सम भाव व सहयोग से संचालित होता है। लैंगिक संवेदनशीलता की बात हो रही है तो मैं कहना चाहता हूँ कि आजकल लडका लडकी बनने की जो होड़ दिख रही है उससे बाहर निकलें लडका लडका हघ रहे, लडकी बनने का प्रयास न करें। वहीं लड़की/महिलाएं भी अनावश्यक रूप से पुरुष/लड़का बनने का प्रयास न करें।
ईश्वर ने लड़का और लड़की को अपनी विशिष्ट प्रकृति के अनुरूप बनाया है, अतः उसका सम्मान करें। दोनों प्रकृतियों के समभाव से ही समाज,संस्कृति एवं राष्ट्र की ऊर्ध्व गति सुनिश्चित हो सकती है। आओ!आज मिलकर संकल्प लें कि हम लैंगिक विभेदन किए बिना जीवन, समाज एवं राष्ट्र को मजबूत करें
धन्यवाद।
लैगिंक संवेदनशील विषयक जागरूकता गीत
©डॉ.अमित कुमार दवे
आओ आओ बात करे हम,भेद लिंग का कम करें हम 2
लड़का लड़की एक समान, करो न इनका अब अपमान।
लडकी हैं देवी का वरदान, लडके मैं बसते शिव हो ध्यान।। 1
आओ आओ बात करे हम,भेद लिंग का कम करें हम 2
नारी है घर का सम्मान, नर फिरता नित हो गाँव की शान
नारी करती पालन पौषण, नर नित करता भरण रक्षण।। 2
आओ आओ बात करे हम,भेद लिंग का कम करें हम 2
अंधकार लिंग का मिटवाओ, उजियारा समता का लाओ
दुर्बुद्धि का फैरा मिटवाओ,सद्बुद्धि का अलख जगाओ। 3
आओ आओ बात करे हम,भेद लिंग का कम करें हम 2
सम्मान सबको अपना दिलवाओ, भेद समाज से दूर भगाओ।
रूढियों को पीढियों से हटाओ, शिक्षा की नव ज्योत जगाओ।।
4
आओ आओ बात करे हम,भेद लिंग का कम करें हम 2
जीवन के दो पहियों को तुम, समता से आगे बढ़वाओ
भेदभाव को छोड़ किनारे, भारत को सेहरा बनवाओ।। 5
आओ आओ बात करे हम,भेद लिंग का कम करें हम 2
लैगिक संवेदनशीलता विषयक नारे
बेटा बेटी एक समान।
दोनों ही हैं घर की शान।।
विकासशील समाजों के लैंगिक आधार।
दिखते हैं सब अब भारत में निराधार।।
एक - दो - तीन - चार।।
बन्द करो लैंगिक अत्याचार।।
नर नारी का मत करो अपमान।
इनसे ही बढती परिवारों की शान।।
© डॉ. अमित दवे, खडगदा
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