आओ!मिलकर नव भारत को वैश्विक गणराज्य बनाएँ ©डॉ. अमित कुमार दवे, खड़गदा

आओ!मिलकर नव भारत को वैश्विक गणराज्य बनाएँ

                          ©डॉ. अमित कुमार दवे, खड़गदा



आओ ! मिलकर भारत को ऐसा गणराज्य बनाएँ

जिसमें हर जन का नेतृत्व सुनिश्चित् करवाएँ।

शिक्षा-चिकित्सा-न्याय-परिवहन-सुरक्षा गण की..

सहज ही निज गणराज्य में सुनिश्चित् करवाएँ।

 

जाति-धर्म-क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर जीवन का..

मान करे, विश्व का नव प्रतिमान बने, ऐसे गणराज्य का

नव प्रारूप बनाएँ, मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाएँ,

हाँ! अब तो छलनीति से इतर राजनीति करवाएँ।


हर तथ्य के बहुपक्षों से ऊपर जीवन पक्ष को महत्त्व दें.

गरीब-गरीबी के नाम को त्याग विकास ही कर्म बनाएँ

जीवन के हर पहलूँ को उन्नत से उत्कृष्ट बनाएँ..ऐसे..

नव गणराज्य के प्रारूप की सहज़ ही स्थापना करवाएँ।।


अपनी ही नीतियों में उलझे राष्ट्रजन के व्यवहारों को 

शुचिता का सहज़ संसर्ग करवा अनुकरणीय बनवाएँ

एक राष्ट्र में एक बात एक ही अर्थ सुनिश्चित करवाएँ

आओ!मिलकर नव भारत को वैश्विक गणराज्य बनाएँ।।

सादर प्रस्तुति

©डॉ. अमित कुमार दवे, खड़गदा, राजस्थान



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