शारदास्तुतिः अमित कुमार दवे

💐© ।। शारदास्तुतिः।।

या देवी स्वर-मंगला-सुमधुरा 
व्याप्नोति भू-सर्वदा ,
कारूण्यं सकलं करोति शुभदां 
वैषम्य-राष्ट्रस्थितेः।
वीणा-पाणि-धरा सदा-सुहृदया 
कांतिस्तनोत्यत्र सा,
आभा यत्र करोति तत्र रुचिरा: 
नश्यन्ति जीवापदाः।।१।।

ब्रह्मा-विष्णु-महेश-देव-सहितं 
देवैः सर्वैःपूजिता ,
या शुभ्रासनसंस्थिता सुवदना 
पार्श्वेमरालस्थिता ।
 पार्श्वेशांतिकरा सदासुविजया 
सौख्यप्रदां शारदाम्,
 सा तां स्तोमि विवेकनूतनकराम्
आह्लाद-भू-वाहिनीम्।।२।।

सादर सस्नेह...🙏💐
©डॉ.अमित कुमार दवे,खड़़गदा💐

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