लैंगिक संवेदनशीलता नारे अमित दवे, खड़गदा
लैंगिक संवेदनशीलता नारे
बेटा बेटी एक समान।
दोनों ही हैं घर की शान।।
विकासशील समाजों के लैंगिक आधार।
दिखते हैं सब अब भारत में निराधार।।
एक - दो - तीन - चार।।
बन्द करो लैंगिक अत्याचार।।
नर नारी का मत करो अपमान।
इनसे ही बढती परिवारों की शान।।
© डॉ. अमित दवे, खडगदा
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